यहां हमें दो बहुत महत्वपूर्ण प्रश्न पूछने की आवश्यकता है:
पहला, किसने उन धार्मिक नेताओं के दिलों में नफरत और हत्या वाली भावनाये डाली जो यीशु को मारना चाहते थे? वह शैतान है! भविष्यवाणी के दौरान, शैतान ने यीशु को मारने के अपने उद्देश्य को पूरा करने के लिए लोगों का उपयोग करना जारी रखा।
दूसरा, क्या यीशु अपनी मृत्यु का विरोध कर सकते थे? हाँ, यीशु ऐसा अवश्य कर सकते थे। वह “शरीर में प्रकट हुआ परमेश्वर है, और अपने सभी शत्रुओं को नष्ट करने की शक्ति रखता है।“ परन्तु उसने क्रूस के पास जाने का मन बना लिया। प्रभु यीशु ने हमारे सभी पापों के लिए बलिदान के रूप में अपना जीवन अर्पित किया। वह उन लोगों के लिए मरने को भी तैयार था जो उससे नफरत करते थे। यीशु ने कहा,
“पिता इसलिए मुझसे प्रेम रखता है, कि मैं अपना प्राण देता हूँ, कि उसे फिर ले लूँ।”(यूहन्ना 10:17)
“कोई उसे मुझसे छीनता नहीं, वरन् मैं उसे आप ही देता हूँ। मुझे उसके देने का अधिकार है, और उसे फिर लेने का भी अधिकार है। यह आज्ञा मेरे पिता से मुझे मिली है।”(यूहन्ना 10:17)
प्रभु यीशु मसीह को क्रूस के ऊपर चढ़ाया गया
रोमन सैनिकों ने यीशु के कपड़े उतार दिये और उसके हाथ दो खूँटों से बाँध दिये। यीशु को चमड़े की कई रस्सियों से कोड़ों से पीटा गया। इन रस्सियों के अगले भाग पर सैनिक धातु के बने नुकीले टुकड़े लगा देते थे।
जैसे ही यीशु को इस कोड़े से पीटा गया, हड्डियाँ और धातु के नुकीले टुकड़े उसके शरीर में घुस गए। उसका चेहरा लहूलुहान हो गया। यीशु द्वारा सहे गए रोमन कोड़े से बहुत से लोग मर जाते थे।
लोगों ने यीशु का मज़ाक उड़ाया और उस पर थूका। सैनिकों ने उसकी आँखों पर पट्टी बाँध दी और बार-बार उसका मज़ाक उड़ाया और उसे चोट पहुँचाई। बाइबल कहती है कि उसका चेहरा इतना ख़राब हो गया था कि उसके जैसा किसका भी नहीं था। उन्होंने यीशु के सिर पर कांटों का मुकुट रखा। जिस जगह पर यीशु को क्रूसीकरण (मरना) था उसे उसकी मृत्यु के स्थान तक ले जाने के लिए उसके कंधों पर क्रूस रखा गया था।
जब यीशु कलवारी नामक स्थान पर आये तो उन्हें सूली पर चढ़ा दिया गया। उसकी हाथ और पैरों में लोहे के काँटे छेदे हुए थे। यीशु के साथ-साथ दो अन्य लोग भी क्रूसीकरण हुए थे, एक उसकी बायीं ओर दूसरा उसकी दाहिनी ओर। ये दोनों बहुत बुरे इंसान थे। वे अपने पापों के कारण मर रहे थे। लेकिन यीशु ने कभी कुछ गलत नहीं किया। वह निर्दोष होकर हमारे पापों के लिए मर रहा था।
यीशु मसीह हमारे सभी पापों के लिए मरा।
जैसे ही यीशु सूली पर लटका, वह उन लोगों को देख रहा था जिन्होंने उसे दर्दनाक तरीके से पीटा था; उसने उन लोगों की ओर देखा जिन्होंने उसका मज़ाक उड़ाया था। और उन लोगों को भी देख सकता था जिन्होंने उसके हाथ और पैर लोहे के काँटे से छेदे थे। यीशु ने आँखें उठाईं और कहा, “हे पिता, इन्हें क्षमा कर, क्योंकि ये नहीं जानते कि क्या कर रहे हैं।
यीशु के साथ सूली पर चढ़ाए गए दो चोर में से एक ने यीशु का मज़ाक उड़ाया और उसकी निंदा की, लेकिन अन्य चोर ने उसे डांटा: “क्या तुम परमेश्वर से भी नहीं डरते?” और हमें उचित दण्ड दिया जा रहा है, क्योंकि हम अपने पापों का उचित फल पा रहे हैं, परन्तु इस मनुष्य यीशु ने कुछ भी गलत नहीं किया।‘ तब उसने यीशु से कहा, “हे प्रभु, जब तू अपने राज्य में प्रवेश करे तो मुझे स्मरण करना।“ यीशु ने उस व्यक्ति की ओर मुड़कर कहा, “आज तू मेरे साथ स्वर्ग में होगा।”
“ यीशु पीड़ा से भर गया और बोला,
“तीसरे पहर के निकट यीशु ने बड़े शब्द से पुकारकर कहा, “एली, एली, लमा शबक्तनी?” अर्थात् “हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तूने मुझे क्यों छोड़ दिया?”(मत्ती 27:46)
सुबह करीब नौ बजे यीशु को सूली पर चढ़ा दिया गया। दोपहर करीब तीन बजे यीशु की मृत्यु हुई। दोपहर से तीन बजे तक देश में अंधेरा छाया रहा। यीशु के मरने से ठीक पहले उसने चिल्लाकर कहा, “यह समाप्त हो गया।“ वह जो काम करने आया था, वह पूरा कर चुका था। उसने पहले ही हमारे पापों की कीमत चुका दी है।
यीशु मसीह को समाधि दिया गया
जब लोगों को सूली पर चढ़ाया जाता था तो सूर्यास्त तक उनके मृत शरीर को सूली से नीचे उतार दिया जाता था। उनकी मृत्यु जल्दी करने के लिए दोपहर में उनके पैर तोड़ दिए जाते थे लेकिन बाइबल में भविष्यवाणी की गई है कि मुक्तिदाता के शरीर की एक भी हड्डी नहीं टूटेगी।
रोमन सैनिक ने यीशु के एक तरफ के चोर की टाँगें तोड़ दीं। फिर उसने दूसरी तरफ के आदमी की दोनों टांगें तोड़ दीं। परन्तु जब वह यीशु के पास आया, तो उसने पाया कि यीशु पहले ही मर चुका था, इसलिए उसने यीशु की पैर नहीं तोड़े। इसके बजाय, उसने अपनी बरछे निकाली और यीशु की पसली में छेद कर दिया। परिणामस्वरूप उसके शरीर से खून और पानी निकल गया।
अरिमतियाह के यूसुफ नाम के एक व्यक्ति ने यीशु का मृत शरीर मांगा। वह और नीकुदेमुस यीशु को दफनाने के लिए गए यीशु के मृत शरीर को सुगन्ध-द्रव्य के साथ तैयार किया। उन्होंने यीशु के शरीर को एक नई कब्र में रखा जिसे एक पहाड़ काटकर बनाया गया था। उन्होंने कब्र के प्रवेश द्वार को बंद करने के लिए एक बड़ा पत्थर रख दिया।