तू व्यभिचार न करना – विवाह की पवित्रता और यौन शुद्धता पर बाइबल अध्ययन
परमेश्वर विवाह को पवित्र ठहराते हैं और अपने लोगों को मन, वचन और कर्म से पवित्र जीवन जीने के लिए बुलाते हैं।

तू व्‍यभिचार न करना।

"तू व्यभिचार न करना।" निर्गमन 20:14 “व्यभिचार से बचे रहो; मनुष्य जो भी पाप करता है, वे देह के बाहर हैं, परन्तु व्यभिचार करने वाला अपनी ही देह के विरुद्ध…

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हत्या न करना – छठी आज्ञा | निर्गमन 20:13
"तू खून न करना।" — निर्गमन 20:13

दस आज्ञाएँ – छठी आज्ञा: तू हत्या न करना

आज्ञा 6 हत्या न करना परमेश्वर की छठी आज्ञा है। निर्गमन 20:13 में परमेश्वर कहता है, "तू खून न करना।" यह आज्ञा हमें प्रत्येक मनुष्य के जीवन का सम्मान करना…

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माता पिता का आदर – दस आज्ञाएँ की पाँचवीं आज्ञा
"तू अपने पिता और अपनी माता का आदर करना।" — निर्गमन 20:12

दस आज्ञाएँ – पाँचवीं आज्ञा: अपने माता-पिता का आदर करो

आज्ञा 5 तू अपने पिता और अपनी माता का आदर करना। यह दस आज्ञाओं में परमेश्वर की पाँचवीं आज्ञा है, जो हमें अपने माता-पिता का सम्मान करने की शिक्षा देती…

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दूसरा आज्ञा

आज्ञा 2 "तू अपने लिये कोई मूर्ति खोदकर न बनाना,.........."(निर्गमन 20:4) "तू उनको दण्डवत् न करना, और न उनकी उपासना करना; क्योंकि मैं तेरा परमेश्वर यहोवा जलन रखनेवाला परमेश्वर हूँ,…

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दस आज्ञाएँ क्या हैं?

परमेश्वर ने अपने पवित्र बाइबल (वचन) में कुछ आज्ञाएँ दी हैं, जो हमें बताती हैं कि हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए। बाइबल मुख्य रूप से उन…

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