दस आज्ञा: तीसरी आज्ञा – परमेश्वर का नाम व्यर्थ न लेना

आज्ञा 3 “तू अपने परमेश्वर का नाम व्यर्थ न लेना; क्योंकि जो यहोवा का नाम व्यर्थ ले वह उसको निर्दोष न ठहराएगा।”(निर्गमन 20:7) परमेश्वर का नाम ‘झूठ’ मे लेना इसका…

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मनुष्य का अपनी समस्याओं को सुलझाने का प्रयास

प्रत्येक व्यक्ति के पास एक विवेक होता है – यानी एक आंतरिक आवाज जो उसे बताती है कि वह कब गलत है। यह आंतरिक आवाज कहती है, ‘तुमने परमेश्वर के…

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पाप क्या है?

कुछ लोग पूछते हैं, “पाप क्या है?”यह इस बारे में है कि क्या सही है और क्या गलत है। इस प्रश्न का उत्तर देने का सबसे अच्छा तरीका यह देखना…

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